तनाव (stress) से होने वाली बीमारियां और उनसे बचने के उपाय (Diseases caused by stress and ways to avoid them)

stress

आपके स्वास्थ्य (Health) और तनाव (stress) का एक दूसरे से सीधा-सीधा संबंध है। एक बात आप सही से समझ ले कि मानसिक तनाव (stress) अन्य अनेक मनोविकारों और बीमारियों का प्रवेश द्वार है। अगर आपको कोई बीमारी है तो उसके बुरे प्रभावो को ये कई गुणा बढ़ा देता है और उससे रिकवर करने की स्पीड को बहुत कम कर देता है। बहुत सी शोध में ये साबित हुआ है कि तनाव आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली (immune system) को कमजोर कर देता है जिस से हमारा शरीर रोगो से लड़ नहीं पता है और बीमारियां हमारे शरीर पर हावी हो जाती है।

तनाव (stress) से होने वाली बीमारियां

  • दिल की बीमारियां (Heart disease)- जिन लोगो को लंबे समय तक तनाव (stress) रहता है उन्हें जल्दी ही दिल से सम्बंधित बीमारियां लग जाती है। इस दौरान शरीर एड्रेनालाईन नामक हार्मोन बनता है जिससे हृदय गति और रक्तचाप बढ़ जाता है। एक शोथ में पाया गया कि जो लोग ज्यादा तनावपूर्ण नौकरियां में हैं उनमें कम तनावपूर्ण नौकरियां वाले लोगों की तुलना में पहले दिल का दौरा पड़ने की संभावना 23 प्रतिशत अधिक होती है।
  • बीमारियों का सही होना धीमा होना- ओनिस स्टेट यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ मेडिसिन की एक शोथ में पाया गया कि तनाव (stress) और बीमारियों का सही होने का आपस में संबंध है। आपका तनाव जितना लंबा होगा आपकी बीमारियों को सही होने का समय भी उतना ज्यादा हो जायेगा।
  • मधुमेह (Diabetes)– तनाव (stress) आपके शरीर में ग्लूकोज स्तर (glucose levels) को बढ़ाता है। और यदि आप ग्लूकोज को ऊर्जा में परिवर्तित नहीं कर सकते हैं, तो यह bloodstream में बनता है। इससे आपके रक्त शर्करा का स्तर बढ़ जाता है।
  • नींद ना आना (Lack of sleep)– अगर आपको मानसिक तनाव (stress) रहेगा तो ये आपके सोने की परिक्रिया में बाधा डालता है। पहले तो आपको नींद ही बहुत कम आएगी और अगर आएगी भी तो बेचैन नींद आएगी। नींद के बीच में ही आप उठ जाओगे और फिर से सो जाना मुश्किल हो जाता है। नींद की कमी रहेगी तो आपकी याददाश्त में कमी और भावनात्मक नियंत्रण की कमी होने लगती है।
  • बालो का गिरना (Hair fall)– अगर आपका तनाव (stress) लंबे समय तक रहेगा तो आपके बाल गिरने शुरू हो जायेंगे। alopecia areata नामक बीमारी हमारे प्रतिरक्षा प्रणाली (immune system) से जुडी बीमारी है जिसमे सफ़ेद रक्त कोशिका बाल झड़ने वाली कोशिका पर हमला करती है और उसे सिकोड़ कर बालो के निर्माण को भी धीमा कर देती है। इस बीमारों को होने में तनाव (stress) की विशेष भूमिका मानी जाती है।
  • वजन बढ़ना (Weight gain)– जब आपको तनाव (stress) होता है तो हमारा शरीर उससे लड़ने में लगा रहता है और उसको लगता है कि इस परिक्रिया में उसकी सारी कैलोरी खत्म हो गयी है बल्कि ऐसा होता नहीं है, और शरीर दिमाग को संकेत देता है कि और कैलोरी की जरुरत है। फिर आपका दिमाग आपको और खाना खाने के लिए संकेत देता है और आप ज्यादा खाते है जिससे आपका वजन बढ़ने लगता है।
  • बांझपन और सेक्स की कमी (Infertility and low sex drive)– ऐसा पाया गया है कि जिन महिलाओ में तनाव (stress) ज्यादा रहता है उनमें बांझपन (Infertility) होने के चांस बढ़ जाते है साथ ही ज्यादा तनावपूर्ण जीवन व्यतीत करने वाले पुरुषों में सेक्स का एहसास बहुत कम हो जाता है।
  • बूढ़ा हो जाना (Ageing) – जो लोग तनाव (stress) में रहते है वे समय से पहले ही बूढ़े लगने लगते है। उनका तनाव (stress) उनके चेहरे पर नज़र आने लगता है। चेहरा मुरझा जाता है।

अब सवाल आता है कि अगर तनाव (stress) है तो क्या उपाए करें जिस से इस से बचा जाए या अपने को सही किया जाए।

  1. वजह को पहचाने- अगर आपको तनाव है तो सबसे पहले देखें कि इसका कारण क्या है ? जिस वजह से आपको ज्यादा टेंशन होती है तनाव होता है उसको समझें और उस से निकलने की प्लानिंग करें। वो आपकी नौकरी हो सकती है आपका बिज़नेस हो सकता है कुछ भी हो आपको उस से निकलना होगा। अगर आप स्वस्थ रहेंगे आपका दिमाग स्वस्थ रहेगा तो आप कभी भी कुछ भी कर सकते है।
  2. योग और मैडिटेशन- तनाव (stress) अपने आप नहीं जाता आपको योग, ध्यान, मसाज, गहरी सांस लेने जैसे उपाए करने होंगे। आपने दोस्तों से अपने मन की बातें बताएं इस से भी तनाव कम होता है। अगर परेशानी ज्यादा है तो किसी मनोचिकित्सा के पास जाएं।
  3. जो बीत गया उसे भूल जायो- बीते हुए समय में जो हुआ उसे सोच कर भी आपको तनाव होता है। जो बीत गया उसे भूल जाए और आज की सोचे। क्योंकि बिता समय वापिस नहीं आता और जो तब हो गया वो अब सही नहीं हो सकता।
  4. संगीत सुने- शोध में पाया गया कि संगीत आपके दिमागी हलचल को शांत करने में बहुत मदद करता है। यह हमारी parasympathetic तंत्रिका तंत्र को सक्रिय करने में मदद करता है। शांति से अच्छा संगीत सुने आपका तनाव बहुत कम हो जायेगा।
  5. व्यायाम करें- जब आप शारीरिक श्रम, व्यायाम, जिम जाना इत्यादि करते है तो ये भी आपको आपके तनाव को कम करने में बहुत मदद करते है। ऐसा पाया गया है कि जो लोग बिलकुल भी श्रम, व्यायाम इत्यादि नहीं करतें उनके शरीर पर तनाव की ज्यादा बुरे प्रभाव पड़ते है।
  6. दोस्तों के साथ रहो- अपना ज्यादा समय उन लोगो के साथ बिताओ जिनसे मिलकर आपको अच्छा लगता है। उनसे अपनी समस्यो पर बात करो क्योंकि परेशानियों का हल कई बार किसी के साथ बातें करने से भी निकल जाता है। शायद आपकी समस्या का समाधान आपके किसी दोस्त का पास ही हो।
  7. गहरी सांस लेना- दिन में जब भी याद आये गहरी सांसे ले। कुछ मिनटों की गहरी सांसें चमत्कार कर सकती हैं। जब भी आप सांस लें, अपने पेट को गुब्बारे की तरह फुलाएं और जब आप साँस छोड़ते हैं, तो पेट को सिकुडे।
  8. आध्यात्मिकता (Spirituality)- आध्यात्मिकता का आपके मनोस्थिति पर बहुत प्रभाव पड़ता है। ये बात मनोवैज्ञानिको ने भी मानी है की आध्यात्मिकता मन और दिमाग को शांत करने में बहुत अहम् भूमिका निभाती है। आध्यात्मिक स्थानो पर जाए वह की शांति को महसूस करें। वह के संगीत को महसूस करें आप देखेंगे आपको अपने दिमाग और मन में बहुत ज्यादा शांति का अहसास होगा।

आशा करता हो कि आपको समझ आया होगा कि आपका तनाव लेना कितना खतरनाक हो सकता है और वैसे भी तनाव लेने से समस्या का समाधान नहीं होता बल्कि ये तो खुद ही बहुत बड़ी समस्या है।

मैं खुद तनाव में फस चूका था और मैंने अपने को बहुत हद तक रिकवर कर लिया है इस बारे में और जानने के लिए मेरा लेख अगर आप तनाव यानि stress में हैं तो इस लेख को ध्यान से पढ़ें (if you are in stress then read this article carefully) पढ़ें।