फिल्‍म समीक्षा- सात उचक्के (Movie Review- Saat uchakkey)

Saat Uchakkey movie review

Movie Review- Saat uchakkey

ये जरुरी नहीं अच्छी स्टार कास्ट होना एक फिल्म को अच्छा बना सकता है। मनोज बाजपेयी, केके मेनन, अन्नू कपूर, विजय राज़ और अनुपम खेर जैसे कलाकार आपको इस फिल्म में नजर आयेंगे। अदिति शर्मा इस फिल्म की अभिनेत्री हैं जिन्होंने कुछ छोटी बजट की फिल्मो में अभिनय किया हैं इसके अलावा टीवी पर भी गंगा सीरियल में अभिनय किया हैं। सात उचक्के फिल्म में इन्होंने दमदार अभिनय किया है।
संजीव शर्मा इसके निर्देशक हैं जिन्होंने कुछ फिल्में जैसे पिपली लाइव, रघु रोमियो, हुल्ला की कहानी लिखी थी। इसके अलावा संजीव शर्मा ने कुछ फिल्मो के गाने भी लिखे हैं। निर्देशक के रूप में ‘सात उचक्के’ इनकी पहली फिल्म है। इस फिल्म को पुरानी दिल्ली में फिल्माया गया है जिसमें पुरानी दिल्ली की तंग गलियों और बाजारों की लोकेशन को दिखाया गया है। फिल्म में सात उचक्को को दिखाया गया है जो पुरानी दिल्ली से है इसलिए इस फिल्म के संवादों को वहां की स्थानीय भाषा के रंग में ढालने के चक्कर में कुछ ज्यादा ही गालियो और द्विअर्थी संवादों का प्रयोग कर लिया गया है। फिल्म का ट्रेलर काफी अच्छा लगता हैं जिससे देख कर आप इसको देखने जरूर जायेंगे। Continue reading

असहिष्णुता और आमिर खान (intolerance and Aamir Khan)

पिछले दिनों आमिर खान अपने असहिष्णुता(intolerance) को लेकर दिए गये बयान (statement) से न्यूज़ में छाये रहें। कुछ लोग अभी तक असहिष्णुता(intolerance) का मतलब नहीं समझ पा रहे हैं। आमिर के बयान (statement) को सुन कर समझ आता है कि ये असहिष्णुता(intolerance) कुछ डर से जुड़ा है कुछ ऐसा की जिसको सहन नहीं कर सकते। सहिष्णुता(tolerance) का अर्थ है सहन करना या सहनशीलता और असहिष्णुता(intolerance) का अर्थ है सहन न करना। Continue reading